अपनी आँखें झुकाते हुए मैंने कहाये सारी बातें मेरी नींद को disturb नहीं करतीं Wo Lamha
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Quote:- अस्मि अभेद जनन पीताह लोका समसतासरल भाषामा भन्नु पर्दा म बिर्ये उत्पादन तथा सस्थापन गर्ने समस्त लॊकको बुवा हु येध्धेपी मैले मेरो प्रकृति भवानी तथा मेरो पत्नी महालक्ष्मीलाइ पनि धेरै माया गर्छु तथा सम्पूर्ण प्राणी हरुलाई जो जस्तो रुप को भए पनि सबैजनालाई समान रुप मा हेर्छु ! सम्पूर्ण प्राणी हरुलाइ आ आफ्नो भाग्य र कर्म अनुसारको फल प्राप्त हुन्छा येध्धेपी कुनै पनि महिला पुरुष हरुको आ आफ्नो सत बिचार र सत कार्य जस्तै येज्ञे, धर्म, दान, धारण, सहयोग, क्षेमा, सात्विक ब्रामण पण्डित पालन पोषण, सात्विक साधु सन्त महन्त पालन तथा सात्विक महिला पुरष हरुको पालन इत्यादि बाट भाग्य निर्माण गर्न सक्नु हुन्छा। मैले आफ्नो संख चक्र गदा पद्म मेरो अमृत र पत्नी चोर राहु केतु र म संग लड्न आउने मधु कैटव बाहेक अरुलाई मैले मेरो चक्र ले काट्दिन ! मैले धर्म का गुण भएका प्राणी तथा महिला पुरुष हरुको सधै रक्षा गर्छु। - श्रीओंमFor sure, I am the father of all the existence I produce and establish chromosomes. I love my nature Bhavani and my wife Mahalakshmi very much. I watch all creatures equally regardless of their appearance. All living beings specially ladies and gentlemen receive the fruits according to their destiny and deeds. Even though any ladies and gentleman can create their fortune through their honest, true thoughts and deeds like Yajna, Dharma, donations, accomplishing help, forgiveness, praying, chanting serving and feeding vegetarian and non- alcoholic ladies and gentleman like Brahman Pandit Satvik Sadhu Sant Mahant because they all are the true form of God or Bhagawan or Iswor. I use my Sankha, Chakra Gada Padma to cut the cheaters Rahu and ketu and I cut through my Chakra to those who stole my wife even though I cut to Madhu Kaitav who come to fight with me. I always protect and love the religious or spiritual creatures or spiritual ladies and gentlemen -
Author:- Shreeom
Category:- knowledge
Quote:- आप उन्हें जानती भी नहीं।' कुछ पलों की चुप्पी के बाद उन्होंने बहुत धीरे से कहा, 'जानती तो शायद मैं तुम्हें भी नहीं।
कुछ अनकहा सा...
Author:- Tarang Sinha
Category:- Relationships
Quote:- आप परिवार चलाने के लिए एक बच्चे को जन्म देते हैं और अपने ज्ञान को चलाने के लिए एक छात्र को.....
Author:- Manish Kr Jain
Category:- best
Quote:- आम्ही ते आहोत ज्यांना जन्मताच आशेतून बाहेर काढले जातोनंतर तो मोठा होताच पुस्तकांचे ओझे टाकले जातोमोठ्या लाडाणे ठेवले जातो खुप प्रेम दिला जातोकधीकधी चुकांवर फटकारले सुद्धा जातोतर कधी खोडसाळपणावर आम्हाला मारले पण जातो मग आम्ही रडल्यावर आम्हाला प्रेम केला जातोआणि मोठ्या लाडाने आम्हाला समजावले जातोकी तू मुलगा आहेस अस रडायच नसतो.आमच्या नेत्रामधील अश्रूंना डोळ्यांच्या तुरुंगात टाकले जातोतर आमच्या भावनांना आमच्या डोक्यात बांधल्या जातो. आमची क्षमता आमच्या गुणांवरून मोजली जातोतर आमची स्थिती आमच्या कपड्यांवरूनच सांगीतली जातो. आमचा बळ आमच्या भुजांवरूनच मोजला जातो तर आमचा सौंदर्य आमच्या चेहऱ्यावरूनच समजला जातोआणि आम्ही केलेल्या गोष्टींना वेडेपणा समजला जातोतर आमच्या अपयशावर आम्हावर हसले जातोआणि आमच्या यशाला नशिबाचा टॅग दिला जातो आमच्या प्रेमाला सहजपणे वेडेपणा म्हणल जातो तर आमचा ह्रदय तुटल्यावर आमच्या हातात मधीरा दीली जातो. आणि आमच्या अपूर्ण प्रेमाला ना-लायकीचा टॅग दिला जातोआमच्या भावनांचा गळा दाबला जातो, आमच्या भावना फासावर चढवले जातो आणि मोठ्या सहजतेने म्हटले जातो की तू मुलगा आहेस असं तुटायच नसतो.
Author:- Chandrakant Kannake
Category:- Life
Quote:- इतना close तो मैं ख़ुद को भी ना आने दूँ कभी ।।
Wo Lamha
Author:- Pushpindra Chagti Bhandari
Category:- Love
Quote:- इम्तेहान इंसान का हौसला जांचने आते हैं । वे तराशते हैं, जिंदगी का सलीका सिखाते हैं और दोबारा लौटने का भरोसा दे कर आगे बढ़ जाते हैं ।
कितने मोर्चे
Author:- Vandana Yadav
Category:- inspiration
Quote:- इश्क़ भी अजीब है। पता नहीं किसको क्या बना दे। सुकून है। ज़हर है। कोकेन है। बंधन है। मुक्ति है। भांग है। माया है– खुमारी चढ़ने के बाद पता नहीं कौन, कैसी हरकत करने लगे। दुनिया की सबसे आम चीज़ है। सोचो कि क्या है तो कुछ भी तो नहीं। और सोचने लगो तो दुनिया की ऐसी कोई चीज़ नहीं जो उसे परिभाषित न करे। इश्क़ की परिभाषा है, ‘इश्क़’ और ‘है’ के बीच में कोई भी शब्द लिख दो, वही इश्क़ की परिभाषा हो जाएगी!
लेबंटी चाह | Lebanti Chah
Author:- Abhishek Ojha
Category:- motivational,Relationships
Quote:- ई सब सोच के थोड़े होता है। बस हो जाता है। प्रेम में भावनाएं और तर्क तेल और पानी की तरह होते हैं। वो आपस में घुल तो सकते नहीं। चाहे केतनों फेंट लीजिये।
लेबंटी चाह | Lebanti Chah
Author:- Abhishek Ojha
Category:- Relationships,motivational
Quote:- उसकी पीठ को देखा तो ध्यान आयाउसके चेहरे के कई नक़्शशायद याद ही न हों मुझे
Wo Lamha
Author:- Pushpindra Chagti Bhandari
Category:- Love
Quote:- एक आँसू.....हैजो आज भी मेरीआँख की कोर में रहता है ।।
Wo Lamha
Author:- Pushpindra Chagti Bhandari
Category:- Love
Quote:- एक कहकहा.....थाजिसकी गूंज आज भी मेरे कानों में बसी है
Wo Lamha
Author:- Pushpindra Chagti Bhandari
Category:- Love
Quote:- एक ज़रा सा टुकड़ा धूप कामैंने कब ज़िन्दगी से उसकी जागीर मांगी थी
Wo Lamha
Author:- Pushpindra Chagti Bhandari
Category:- Life,Love
Quote:- ऐसा है कि ध्यान देना चाहिए भैल्यू पर और अरमान होना चाहिए फक्कड़-निराला का। [...] लेकिन यहाँ है उलटा। आदमी का अरमान होता है आसमान पर आ गुण में गुड़-गोबर।
लेबंटी चाह | Lebanti Chah
Author:- Abhishek Ojha
Category:- motivational
Quote:- कभी-कभी दूरी आपको ये एहसास दिलाती है कि आप किसी के कितने करीब आ चुके हैं।
कुछ अनकहा सा...
Author:- Tarang Sinha
Category:- Relationships
Quote:- कहाँ पता था कि जब तैरना सीख जाएंगे तो नदी से दूर हो जाएंगे।
Author:- Pankaj Tripathi
Category:- Life,motivational
Quote:- काश कभी ऐसा हो जायेभीगा मन होऔर मैं टांग दूँ अलगनी परतुम सुबह की धूप बन करमेरे आँगन आ जाओ ।।
Wo Lamha
Author:- Pushpindra Chagti Bhandari
Category:- Love
Quote:- किसी अलौकिक परम सत्ता के अस्तित्व और उसमें आस्था मनुष्य के मन में गहरे धँसी होती है। यह सही है। इस परम सत्ता को, मनुष्य अपनी आखिरी अदालत मानता है। इस परम सत्ता में मनुष्य दया और मंगल की अपेक्षा करता है। फिर इस सत्ता के रूप बनते हैं, प्रार्थनाएँ बनती हैं। आराधना-विधि बनती है। पुरोहित वर्ग प्रकट होता है।कर्मकाण्ड बनते हैं। सम्प्रदाय बनते हैं। आपस में शत्रु भाव पैदा होता है, झगड़े होते हैं। दंगे होते हैं।
आवारा भीड़ के खतरे [Awara Bheed Ke Khatare]
Author:- Harishankar Parsai
Category:- philosophy
