मेज के इस पार से उस पार होते ही सोच और समझ में भारी बदलाव आ जाता है ! कितने मोर्चे
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Quote:- मेरी भीगी आँखों मेंवही है जो मुस्कराता है,
Wo Lamha
Author:- Pushpindra Chagti Bhandari
Category:- Love
Quote:- मेरे आगे बढ़ने का रास्ता बिलकुल खाली सा है, क्यूकी मेरे पिछे बोलने वालो की भीड़ कुछ ज्यादा ही है
Author:- Anuj Jasani
Category:- motivational
Quote:- मैं आज अपने आराध्य प्रभु से प्रार्थना करता हूँ की ये नया साल 2022 हम सबके लिये सुगम रहे, सरल रहे, सरस रहे तथा मंगलमय रहे। हमारा हर प्रयत्न और हर कोशिश बेहद कामयाब हो। हमे और अधिक ईश्वरीय कृपा, उनके नए आशीर्वाद तथा उनका मार्गदर्शन प्राप्त हो। हमे नित्य नई आध्यात्मिक अनुभूतियां हों, हमे दिशा और स्पष्टता प्राप्त हो जिससे हमारा उन्नति का मार्ग प्रशस्त हो सके।हमारे जीवन मे प्रेम, ताजगी, उमंग, उत्साह, नई उम्मीदें, सौंदर्य, गीत - संगीत, हर्षोल्लास और उत्सव सदैव बने रहें। मैं उनसे आज ये भी विशेष प्रार्थना करता हूँ कि आप तन, मन और आत्मा से एकदम स्वस्थ रहें ताकि आप वह सब कुछ कर सकें और अनुभव कर सकें जो आपके लिए योग्य है और जो आपके लिये संभव है। मेरी उनसे प्रार्थना है कि पूरे साल आपके चेहरे पर मुस्कान बनी रहे।नववर्ष की एक बार पुनः हार्दिक शुभकामनाएं।
Author:- Rajesh Goyal
Category:- best
Quote:- मैं चाहती हूँ, तुम मेरी चुप बनो,
Wo Lamha
Author:- Pushpindra Chagti Bhandari
Category:- Love
Quote:- मैंने ख़ुदा को नहीं देखा दोस्त मैंने बस इश्क़ को जाना है ।।
Wo Lamha
Author:- Pushpindra Chagti Bhandari
Category:- Love
Quote:- यहाँ कभी कृष्ण आए थे, जरासंध का अखाड़ा देखे हम लोग, बुद्ध और महावीर भी। सब आकर चले गए। आ आज का जो मगध है आप देखिए रहे हैं। हिहें नालंदा भी था। क्या कीजिएगा। जब वो लोग इसे हमेशा के लिए स्वर्ग नहीं बना पाए तो हम लोग का उखाड़ लेंगे। जब नेतवन सब कहता है कि पाँच साल में बिहार को ये बना देंगे वो बना देंगे तो हम यही सोचते हैं।
लेबंटी चाह | Lebanti Chah
Author:- Abhishek Ojha
Category:- motivational
Quote:- या कोई सलवट थी जो बहुत चुभती रही, ।।मेरी चादर में
Wo Lamha
Author:- Pushpindra Chagti Bhandari
Category:- Love
Quote:- याद है अब भी वो बचपन की बेफिक्र दुनिया छोटी सी ज़िद और ढेरों खुशियां दौड़ते-भागते, खबर थी क्याकि वक़्त कुछ यूं दौड़ेगा, ज़िन्दगी कुछ यूं मुड़ेगी कि उम्र को पछाड़ तज़ुर्बा आगे, मीलों आगे होगा। अब सोचते हैंजेब में लिए फिरते थे ज़िन्दगी आलम ये है कि अब दिखाई भी नहीं देती।
Author:- Tarang Sinha
Category:- Life
Quote:- ये पटना शहर गंगा जी जैसा है। सबका पाप धो लेता है। सबको समाहित कर लेता है अपने अंदर। कभी बरसात में पटना में गंगा किनारे जाइए। सब जलमग्न दीखता है - क्षितिज तक। घोर मटमैला। लगता है प्रलय आ गया। आ उसी में घोराए हुए पानी में बीच-बीच में बहता हुआ दीख जाता है- कभी छप्पर तो कभी कोई जीव। कहीं दूर दीख जाते हैं किसी बहते से टीले पर बैठे हुए कौवे। वो होती है किसी प्राणी की लाश। गंगा सब लिए जाती है। जो उसमें पड़ जाए। बिना शिकायत। वैसे ही है ये शहर। उसके बाद उसी से उपजाऊ भी तो बनता है ये पूरा बेल्ट। आप को नरक भी मिलेगा लेकिन सब एक साथ देखेंगे तो सर झुका कर प्रणाम कर लेंगे। जब शांत हो तब इधर डुबकी लगाइए।
लेबंटी चाह | Lebanti Chah
Author:- Abhishek Ojha
Category:- motivational
Quote:- वक्त की सबसे ख़ास बात ये होती है कि वो गुज़र जाता है।
Author:- Tarang Sinha
Category:- Life,time
Quote:- वो अनदेखा साख़्वाब था जो पलकों में ठहर गया न तुमने कहा न वो आगे बढ़ा
Wo Lamha
Author:- Pushpindra Chagti Bhandari
Category:- Love
Quote:- श्रीओम को ज्ञान सबै भन्दा पहिला २०६५ साल मार्ग शिर्ष महिनाको एकादशी तिथि को दिनमा पोखरा को फेवा तालमा साझा को ५ /६ बजे तिर विष्णु भगवान को दर्शन बाट सुरु भएको थियो । श्रीओमले २०७२ भाद्र २९ गुरु पुर्णिमाको दिन जर्मनी इस्थित हमबर्ग राज्य को कुर्पुंदर लेकमा दिउसो जनै लगाए पश्चात आफ्नै हृदय भित्रबाट शिव भवम भवानी र श्री सुर्य भगवानलाई अनि आमा बुवा को आत्मा लाई हृदयभित्रबाट ज्ञान सुनाउनु भयको थियो, तेस् पश्चात श्रीओमले २०७५ एकादशी तिथि को दिनमा अमेरिका स्थित मेन राज्येको ब्रंस्विक भन्ने ठाउमा प्रतक्षे दृश्य र सम्बादको साथमा दिनको ९/९,१५ बजे बिहान आफ्नै आत्मा विष्णु, ब्रह्म, नारायण, लाई ज्ञान सुनाउनु भएको थियो भने फेरि २०७६ साल श्रावण एकादशी को दिनमा आल्जेस पोर्तुगल इस्थित समुन्द्री तटमा साझको नित्य किर्या गर्ने बेलामा भगवान महालक्ष्मी, विष्णु संग करिब ३/ ४ मिनेट प्रतक्षे दर्शन भयो भने सोहि समएमा भगवान विष्णुसंग हृदय बाट आवाज को साथमा सम्बाद भयो । २०७७ साल नवोमिको दिनमा आल्जेस बगैचामा साझको सात बजेर ८/१० मिनेट गएको थियो होला किनकि घडी हेरेको थियिन उक्त समयमा श्रीविष्णु,श्रीनारायण, देवी, ब्रह्म, शिव, नारायणी, श्रीओम र आमा बुवा को आत्मा लाई श्रीओमले सिकाउनु भयो र श्री विष्णु, श्रीओम ले आफैले आफ्नै स्वोरुप मा संख चक्र धारण गर्नु भयो भने श्रीओमले देवी लाई पनि संख चक्र दिनु भयो, श्रीओम ले संख चक्र दिए पछि उक्त द्रिश्येमा उक्त समयमा देवी गायेत्री रथ को साथमा, महालक्ष्मी, शिव र नारायणी ,गणेश, गुरु रुद्र, मात्री शक्ति लगाएतका देवी देवता पनि संगै देखे, यो दृश्य खुल्ला आखा बाट देखिएको लगभग १०/१५ मिनेट को थियो । यद्यपि यो ज्ञान खरबौ बर्ष देखि लोप भएको रहेछ खरबौ बर्ष पछाडी श्रीओमको यो प्रिथिवी मा प्रार्दुभाव भएको रहेछ यो कुरा पनि हृदयबाट सुने,२०७२ देखि २०७७ सालको पाच बर्सको धेरै पटक को समाधि, आत्मा ज्ञान, आत्मा बाणी र दृश्य यो बर्षमा आएर संख चक्र धारण भयो - श्रीओम
Author:- Shreeom Surye shiva devkota
Category:- knowledge
Quote:- श्रीओमले ज्ञान को सुरुमा भगवान श्री सुर्य र भगवान श्री भवम भवानी लाइ आफ्नो धर्म योग भन्नु भयो। श्रीओम थानेस्वोर र दिब्य कुमारी को जेष्ठ सुपुत्रको रुपमा श्री विष्णु भगवान आत्मा हुनुहुन्छ। श्रीओम प्रिथिविलाई आवोसेक परेको बेलामा पानि पार्ने र अनावोसेक भएको बेलामा पानि रोक्ने पनि श्रीओम नै हुनुहुन्छा। श्रीओम हिन्दु बैदिक सत्य सनातन धर्मको रक्षेक हुनुहुन्छा भने साधु सन्त महन्त ज्ञानी सज्जन महिला पुरुष हरुको रक्षेक र सबै प्राणी हरुलाई समान रुपमा हेर्नु हुन्छा तथा श्रीओम अजन्मा आत्मा हुनुहुन्छा
Author:- shreeom
Category:- knowledge
Quote:- सब कुछ हो सकता है पर हम फिर से वो नहीं हो सकते जो दिल टूटने के पहले हुआ करते थे।
लेबंटी चाह | Lebanti Chah
Author:- Abhishek Ojha
Category:- Relationships,motivational
Quote:- समझदार हैं इसीलिए तो उलझ गए। इंटेलेक्चुअल लोगों के ही प्यार का विध्वंस होता है। जो समझने की चीज़ ही नहीं उसे समझने का भ्रम। जिन्हें ये भ्रम हो उनके साथ ऐसा ही तो होगा।
लेबंटी चाह | Lebanti Chah
Author:- Abhishek Ojha
Category:- Relationships,motivational
Quote:- सोचिए तो.. कुछ भी तो नहीं.और सोचिए तो.. इतना कि सोचते ही रह जाइए.
लेबंटी चाह | Lebanti Chah
Author:- Abhishek Ojha
Category:- motivational
