बेवजह ही ;हथेली में चाँद रख लेती हूँ ....रात से झगड़ा कर लेती हूँ,ख़्वाबों को वापिस भेज देती हूँ ।। Wo Lamha
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Quote:- भईया, लोलक समझते हैं? अरे लोलक पेंडुलम को कहते हैं। ज़िन्दगी में बहुत-सी चीज़ें लोलक की तरह ही होती हैं। सुख या दुःख दोनों ही दूर चले गए तो घूम कर फिर वापस आएँगे ही। इंसान को बस अपने काम में मन से लगे रहना चाहिए। हिन्दी में फ़िज़िक्स पढ़ते हुए रटे थे कि दोलन करता हुआ लोलक जितने समय बाद पुनः वापस आ जाए उसे उसका आवर्तकाल कहते हैं। वैसे ही ज़िन्दगी में सुख-दुःख का भी आवर्तकाल होता है।
लेबंटी चाह | Lebanti Chah
Author:- Abhishek Ojha
Category:- motivational
Quote:- भ्रम टूटते रहने चाहिए। विध्वंस नहीं होगा तो नया निर्माण कैसे होगा?
लेबंटी चाह | Lebanti Chah
Author:- Abhishek Ojha
Category:- motivational
Quote:- मनुष्य का कर्तव्य है कमजोरियों पर विजय पाना। आज भगवान् ने मुझ पर एक सत्य प्रकट किया है। जीवन की उत्कृष्टता वासना से युद्ध करने में है, और मैं यह करने जा रहा हूँ।
चित्रलेखा
Author:- Bhagwati Charan Verma
Category:- motivational
Quote:- मनुष्यहरु आफ्नो आफ्नो परिस्थितिको निर्माता आफै हुन्। जो जस्तो सोचदछ, देखदछन, धारण गर्दछन, जो हे हुन् उस्तै भन्दछ, र उस्तै बन्दछन जो व्यक्तिको हिर्दये बाट जे सब्द निस्कन्छ उ तेही हो भनेर जान्नु पर्दछ किनकि जो त्यो होइन भने कसरि उसको हिर्दये या बुद्धि बाट किन तेस्तो सब्द निस्कियो चिन्तन मनन विचार गर्नु पर्दछ किनकि संसारमा भएका प्राणी हरुको ४०० किशिमको बुद्धि तथा गुण हुन्छ र उल्लेखित ज्ञान बाट तपाईहरुलाई व्यक्ति चिन्न सजिलो हुन्छ । सबैलाई बाच्न मन छ, तेसैकारनले कसैले पनि चाहेर पनि यो प्रिथिवीमा कोहि कसैले पनि नदेखेको, नसुनेको धारण नगरेको कुरा बोल्न या लेखन सक्दैनन्। सम्पूर्ण मनुष्यहरुले मन तथा हृदय लाइ एक गर्न जान्नु पर्दछ। अंतरात्मा को प्रेरणा को अनुरूप मन र बुद्धि तथा चेतनालाइ चलाउनु पर्दछ। सधै सत्य बोल्नु पर्दछ किनकि असत्य १ दिन टिक्दछ तर सत्य कोटी कोटी युग सम्म अमर रहन्छ। धर्म अर्थात् धारण, परम शांतिदायक भाव द्वारा धारण, जौ तिल कुश पानि संगको संकल्प द्वारा धारण, एग्गे द्वारा धारण, दान तथा सत कार्य को सुरुवात बाट धारण, बिकाशको कार्य बाट धारण, रोजगारी सिर्जना गरेर धारण, अन्वेषण द्वारा धारण र संसारिक व्यक्तिहरुलाई अमृत विचारहरुको प्रार्दुभाव बाट धारण र यी सबै येथार्थता नै धर्मका बिशेषता हुन् । सत्यको पुकार बैरो कान मा पनि पुगेको हुन्छ। अहंकारी धमिलो मन वाला मुढ हरुलेपनि जो सत्य छ येसलाई आज नभए पनि भोलि आउने दिन हरुमा, आउने सताब्दी, आउने युग हरुमा अबस्ये स्वीकार गर्दछन् किनकि आत्मा अजर अमर अविनाशी, सास्वोत छ, धार्मिक छ। बिशेष गरि ४ किशिमको गुण भएका महिला तथा पुरुषहरु यो बिस्वोमा हुनुहुन्छ। १ ज्ञान सत्य गुण २ सुद्ध गुण ३ मन मैलो गुण ४ मन कालो गुण जोसुकै व्यक्ति जे गुनी भए पनि गुणहरुको रुपान्तरण गर्न सकिन्छ। ३ नम्बर गुण लाइ साधना, अध्यात्म धर्म द्वारा १ नम्बर बनाउने सरल उपाए भनेको कान द्वारा ज्ञान विचार सुन्ने, अरुको निंदा र त्रुटि सुनेर जिन्दगीको अमुल्य समय नष्ट नगर्ने र मन लाई सफा बनाउने, उदाहरणको लागि पानि बाट पानि, अग्नि बाट अग्नि, आत्मा बाट आत्मा, बुद्धि बाट बिबेक, जोश होस् को साथमा प्रदीप्त गर्ने र धार्मिक कार्येमा मन लगाउने अनि मनुस्ये हरुको मन को पनि शुद्धिकरण हुन्छ। विश्वास गर्नुहोस मन, बुद्धि तथा आत्मा को गतिविधि, होश, तथा सत भावनाको माध्यमबाट भगवान, इस्वोर, आम बुवाको शक्ति सदा महिला तथा पुरुष हरुको साथमा हुन्छ। अबिस्वाशी हरुलाई सुख सन्तोष आनन्द सुखी नत प्रिथिवी मा छ नत अरु कुनै लोकमा। गीतामा भनिएको छ क्रोध बाट भ्रम पैदा हुन्छ तर त्यो कुरा गलत हो। क्रोध बाट समस्या भने अबस्ये पैदा हुन्छ तर कहिले काही उचित ज्ञान को लागि उचित ज्ञान जान्न नसक्ने, अधर्मले ढाकिएका मुढ हरुलाई समेत कहिले काही केहि समएको क्रोधले जिन्दगिको वास्तविकता थाहा हुन्छ र उनीहरुले जिन्दगि प्राप्त गर्दछन। तर सधै क्रोध गर्ने बानि बनाउनु हुदैन। क्रोधलाइ तुरुन्तै नियेंत्रण गर्न सक्ने क्षेमता बनाउनु पर्दछ। बुद्धिलाई व्यग्र अर्थात ब्याकुल वा भयेभित बनाउनु हुदैन । तार्तिक तर्क द्वारा धेरै तरिकाले चिन्तन मनन गर्नु पर्दछ। मन लाई नियेंत्रणमा राख्नु पर्दछ तथा तर्क गर्दा वा ज्ञानको विस्तार गर्दा ज्ञानका बिशयहरु सधै सकारात्मक भाव पैदा गरि चिन्तन मनन र ब्यबहारमा उतार्न जान्नु पर्दछ।
Author:- Shreeom
Category:- knowledge
Quote:- मान लीजिए जिसको शेयर बाजार के बारे में इतना बुझाएगा ...उ बैठ के टीवी पर बताएगा कि खुद पैसा बनाएगा ?
लेबंटी चाह | Lebanti Chah
Author:- Abhishek Ojha
Category:- motivational
Quote:- मानिस तथा अरु प्राणी हरु पनि भगवान इश्वर, गड, सुर्य, प्रकिर्ती देवी संग दराउदछन कसैले चाहेर पनि नजानेर पनि भगवान इस्वोर संग खेलवाड गर्न सक्दैनन। जिन्दगिको येथार्थता स्वप्न होइन, जिन्दगि वास्तबमा उद्देस्य, योजना, इरादा, लक्ष्य, दृस्टिकोनको उचित र येथार्थ भबिस्य जान्नु जिन्दगि हो। तपाई प्रिथिवी माथि आकाशमा हेर्नुहोस या प्रिथिवी भित्र जता सुकै सागर छ, पानि छ, प्रतेक अक्सिजन संग पानि जोडिएको छ, जिन्दगीको पानि संग सारै घनिष्ट मित्रता छ। जिन्दगि सचेत अबस्थामा आफुले आफ्नो हिर्दयको आवज सुन्नु, सिकाउनु, खुल्ला आखाले देख्नु, र एथार्थ ज्ञान भन्नु जिन्दगि हो। जसले हिर्दयको आवाज सुनेको छ र हिर्दयका इस्वोरिय, भगवान शक्ति हरुलाई, आमा बुवाको आत्मालाइ आफ्नो हिर्दयामा ज्ञान सिकाएको भाग्य हो। जब तपाई आफ्नो हिर्दय भित्र बाट तपाई विष्णु हो, सुर्य हो, भबम भवानी शिव हो, आमा बुवाको आत्मा लगायत सबै शक्ति हरुलाई हिर्दये भित्रनै ज्ञान सिकाए पश्चात र उल्लेखित शक्ति हरुको पद प्राप्त पश्चात मात्र तपाइले आफ्नो जिन्दगि भबिस्य देख्नु हुन्छ र चक्र धारण गर्न पाउनु हुन्छ। श्रीओमको धेरै समय पश्चात यो प्रिथिवीमा अबतार भएको हो। संसारमा कोहि व्यक्तिले जिन्दगि जान्दछन्, देखदछन, कसैले जिन्दगि खेल, लडाइ, यात्रा बुझदछन, जिन्दगि खेल, लडाइ, यात्रा होइन , तर पनि यात्रा गर्नु राम्रो कुरा हो, घुम्नु देख्नु सकारात्मक कुरा हो, जिन्दगि ज्ञान हो, जिन्दगि इश्वोर भगवान, मात्री पितृ शक्ति, देवी शक्ति हो, जिन्दगि प्रकाशस्वोरुप, इस्वोरिये भगवान स्वोरुप हो, जिन्दगि सचेत अवस्था जागा अवस्था हो, जिन्दगीका गुण हरु धर्म, करुणा, क्षेमा हो।
Author:- Shreeom
Category:- knowledge
Quote:- मुश्किलें आयी, गयींख़ुशियाँ भी बे-हिस ठहरीं,जिसने ता-उम्र साथ निभाया,वो हौसला था।
Author:- Tarang Sinha
Category:- Life
Quote:- मेज के इस पार से उस पार होते ही सोच और समझ में भारी बदलाव आ जाता है !
कितने मोर्चे
Author:- Vandana Yadav
Category:- Life
Quote:- मेरी भीगी आँखों मेंवही है जो मुस्कराता है,
Wo Lamha
Author:- Pushpindra Chagti Bhandari
Category:- Love
Quote:- मेरे आगे बढ़ने का रास्ता बिलकुल खाली सा है, क्यूकी मेरे पिछे बोलने वालो की भीड़ कुछ ज्यादा ही है
Author:- Anuj Jasani
Category:- motivational
Quote:- मैं आज अपने आराध्य प्रभु से प्रार्थना करता हूँ की ये नया साल 2022 हम सबके लिये सुगम रहे, सरल रहे, सरस रहे तथा मंगलमय रहे। हमारा हर प्रयत्न और हर कोशिश बेहद कामयाब हो। हमे और अधिक ईश्वरीय कृपा, उनके नए आशीर्वाद तथा उनका मार्गदर्शन प्राप्त हो। हमे नित्य नई आध्यात्मिक अनुभूतियां हों, हमे दिशा और स्पष्टता प्राप्त हो जिससे हमारा उन्नति का मार्ग प्रशस्त हो सके।हमारे जीवन मे प्रेम, ताजगी, उमंग, उत्साह, नई उम्मीदें, सौंदर्य, गीत - संगीत, हर्षोल्लास और उत्सव सदैव बने रहें। मैं उनसे आज ये भी विशेष प्रार्थना करता हूँ कि आप तन, मन और आत्मा से एकदम स्वस्थ रहें ताकि आप वह सब कुछ कर सकें और अनुभव कर सकें जो आपके लिए योग्य है और जो आपके लिये संभव है। मेरी उनसे प्रार्थना है कि पूरे साल आपके चेहरे पर मुस्कान बनी रहे।नववर्ष की एक बार पुनः हार्दिक शुभकामनाएं।
Author:- Rajesh Goyal
Category:- best
Quote:- मैं चाहती हूँ, तुम मेरी चुप बनो,
Wo Lamha
Author:- Pushpindra Chagti Bhandari
Category:- Love
Quote:- मैंने ख़ुदा को नहीं देखा दोस्त मैंने बस इश्क़ को जाना है ।।
Wo Lamha
Author:- Pushpindra Chagti Bhandari
Category:- Love
Quote:- यहाँ कभी कृष्ण आए थे, जरासंध का अखाड़ा देखे हम लोग, बुद्ध और महावीर भी। सब आकर चले गए। आ आज का जो मगध है आप देखिए रहे हैं। हिहें नालंदा भी था। क्या कीजिएगा। जब वो लोग इसे हमेशा के लिए स्वर्ग नहीं बना पाए तो हम लोग का उखाड़ लेंगे। जब नेतवन सब कहता है कि पाँच साल में बिहार को ये बना देंगे वो बना देंगे तो हम यही सोचते हैं।
लेबंटी चाह | Lebanti Chah
Author:- Abhishek Ojha
Category:- motivational
Quote:- या कोई सलवट थी जो बहुत चुभती रही, ।।मेरी चादर में
Wo Lamha
Author:- Pushpindra Chagti Bhandari
Category:- Love
Quote:- याद है अब भी वो बचपन की बेफिक्र दुनिया छोटी सी ज़िद और ढेरों खुशियां दौड़ते-भागते, खबर थी क्याकि वक़्त कुछ यूं दौड़ेगा, ज़िन्दगी कुछ यूं मुड़ेगी कि उम्र को पछाड़ तज़ुर्बा आगे, मीलों आगे होगा। अब सोचते हैंजेब में लिए फिरते थे ज़िन्दगी आलम ये है कि अब दिखाई भी नहीं देती।
Author:- Tarang Sinha
Category:- Life
Quote:- ये पटना शहर गंगा जी जैसा है। सबका पाप धो लेता है। सबको समाहित कर लेता है अपने अंदर। कभी बरसात में पटना में गंगा किनारे जाइए। सब जलमग्न दीखता है - क्षितिज तक। घोर मटमैला। लगता है प्रलय आ गया। आ उसी में घोराए हुए पानी में बीच-बीच में बहता हुआ दीख जाता है- कभी छप्पर तो कभी कोई जीव। कहीं दूर दीख जाते हैं किसी बहते से टीले पर बैठे हुए कौवे। वो होती है किसी प्राणी की लाश। गंगा सब लिए जाती है। जो उसमें पड़ जाए। बिना शिकायत। वैसे ही है ये शहर। उसके बाद उसी से उपजाऊ भी तो बनता है ये पूरा बेल्ट। आप को नरक भी मिलेगा लेकिन सब एक साथ देखेंगे तो सर झुका कर प्रणाम कर लेंगे। जब शांत हो तब इधर डुबकी लगाइए।
लेबंटी चाह | Lebanti Chah
Author:- Abhishek Ojha
Category:- motivational
Quote:- वक्त की सबसे ख़ास बात ये होती है कि वो गुज़र जाता है।
Author:- Tarang Sinha
Category:- Life,time
